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घटोत्कच

जब घटोत्कच विभीषण से कर लेने गया था लंका

महाभारत में ऐसे अनेक पात्र हैं, जिनके बारे में लोग कम ही जानते हैं। ऐसा ही एक पात्र है भीम का पुत्र घटोत्कच। अधिकांश लोग ये जानते हैं कि घटोत्कच भीम व राक्षसी हिडिंबा का पुत्र था और उसकी मृत्यु कर्ण के हाथों हुई थी।

स्वस्तिक का रहस्य

स्वस्तिक का रहस्य

स्वस्तिक मंगल चिन्हों में सर्वाधिक प्रतिष्ठा प्राप्त है और पूरे विश्व में इसे सकारात्मक ऊर्जा का स्त्रोत माना जाता है। इसी कारण किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले स्वस्तिक का चिन्ह बनाया जाता है

काशी नगरी निवासिनी मां अन्नपूर्णा

काशी नगरी निवासिनी मां अन्नपूर्णा

कलियुग में माता अन्नपूर्णा की पुरी काशी है, किंतु सम्पूर्ण जगत् उनके नियंत्रण में है। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी के अन्नपूर्णाजी के आधिपत्य में… Read More »काशी नगरी निवासिनी मां अन्नपूर्णा

शिव के अवतार 'पिप्पलाद'

शिव के अवतार ‘पिप्पलाद’

शिवमहापुराण के अनुसार भगवान शंकर ने अपने परम भक्त भृगुवंशी च्यवन के पुत्र दधीचि मुनि के यहां पुत्र रूप में जन्म लिया। भगवान ब्रह्मा ने… Read More »शिव के अवतार ‘पिप्पलाद’

कर्म का सिद्धांत

अद्भुत एवं प्रेरणादायक प्रसंग – (कर्म का सिद्धांत)

अचानक अस्पताल में एक एक्सीडेंट का केस आया। अस्पताल के मालिक डॉक्टर ने तत्काल खुद जाकर आईसीयू में केस की जांच की। अपने स्टाफ को… Read More »अद्भुत एवं प्रेरणादायक प्रसंग – (कर्म का सिद्धांत)

क्या शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण किया जा सकता है?

क्या शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण किया जा सकता है?

शास्त्र सम्मत दृष्टिकोण: शिव पुराण के अनुसार शिवलिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद ग्रहण करने से व्यक्ति के समस्त पाप मिट जाते हैं, किंतु कुछ अन्य… Read More »क्या शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण किया जा सकता है?

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर

काशी का मूल विश्वनाथ मंदिर बहुत छोटा था। १७ वीं शताब्दी में इंदौर की रानी अहिल्याबाई होल्कर ने इसे सुंदर स्वरूप प्रदान किया। कहा जाता… Read More »श्री काशी विश्वनाथ मंदिर