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विविध

श्रावण, शिवजी का प्रिय मास

श्रावण, शिवजी का प्रिय मास

हिन्दू धर्म में श्रावण मास का बहुत महत्व है। संपूर्ण माह व्रत और महत्वपूर्ण परिवर्तनों का माह माना गया है। इस मास से ही चतुर्मास का प्रारंभ होता है जो व्रत, पूजा, ध्यान और साधना का काल माना गया है।

श्रीकृष्ण दर्शन को भगवान शिव ने बनाया था जोगी रूप

श्रीकृष्ण दर्शन को भगवान शिव ने बनाया था जोगी रूप

भगवान शिव के इष्ट हैं विष्णु। जब विष्णुजी ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया तो अपने इष्ट के बाल रूप के दर्शन और उनकी लीला को देखने के लिए शिवजी ने जोगी रूप बनाया।

चरणामृत और पंचामृत

चरणामृत और पंचामृत

तांबे के बर्तन में चरणामृत रूपी जल रखने से उसमें तांबे के औषधीय गुण आ जाते हैं। चरणामृत में तुलसीदल, तिल और दूसरे औषधीय तत्व मिले होते हैं। मंदिर या घर में तांबे के लोटे में तुलसी मिला जल रखते हैं।

घटोत्कच

जब घटोत्कच विभीषण से कर लेने गया था लंका

महाभारत में ऐसे अनेक पात्र हैं, जिनके बारे में लोग कम ही जानते हैं। ऐसा ही एक पात्र है भीम का पुत्र घटोत्कच। अधिकांश लोग ये जानते हैं कि घटोत्कच भीम व राक्षसी हिडिंबा का पुत्र था और उसकी मृत्यु कर्ण के हाथों हुई थी।

स्वस्तिक का रहस्य

स्वस्तिक का रहस्य

स्वस्तिक मंगल चिन्हों में सर्वाधिक प्रतिष्ठा प्राप्त है और पूरे विश्व में इसे सकारात्मक ऊर्जा का स्त्रोत माना जाता है। इसी कारण किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले स्वस्तिक का चिन्ह बनाया जाता है

काशी नगरी निवासिनी मां अन्नपूर्णा

काशी नगरी निवासिनी मां अन्नपूर्णा

कलियुग में माता अन्नपूर्णा की पुरी काशी है, किंतु सम्पूर्ण जगत् उनके नियंत्रण में है। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी के अन्नपूर्णाजी के आधिपत्य में… Read More »काशी नगरी निवासिनी मां अन्नपूर्णा

शिव के अवतार 'पिप्पलाद'

शिव के अवतार ‘पिप्पलाद’

शिवमहापुराण के अनुसार भगवान शंकर ने अपने परम भक्त भृगुवंशी च्यवन के पुत्र दधीचि मुनि के यहां पुत्र रूप में जन्म लिया। भगवान ब्रह्मा ने… Read More »शिव के अवतार ‘पिप्पलाद’

माँ का तोहफा

माँ का तोहफा


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एक दंपत्ती दिवाली की खरीदारी करने को हड़बड़ी में था। ‘जल्दी करो मेरे पास टाईम नहीं है’, कह कर रूम से बाहर निकल गया सूरज… Read More »माँ का तोहफा

एक दोहे का प्रभाव

एक दोहे का प्रभाव


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एक राजा को राज भोगते हुए काफी समय हो गया था। बाल भी सफ़ेद होने लगे थे। एक दिन उसने अपने दरबार में उत्सव रखा… Read More »एक दोहे का प्रभाव